क्या पक्षी डायनासोर हैं?
हाँ, बिल्कुल! आज के पक्षी वही डायनासोर हैं जो महाविलुप्ति से बच निकले। उनके पूर्वज छोटे, परों वाले शिकारी डायनासोर थे, जो दो पैरों पर चलते थे। यह थेरोपॉड डायनासोरों का समूह है, और टायरानोसॉरस भी इसी बड़े परिवार से था। इसलिए टी. रेक्स के ज़्यादा क़रीब गौरैया है, मगरमच्छ नहीं। मगरमच्छ बहुत दूर का रिश्तेदार है, जबकि पक्षी इसी ख़ानदान के हैं।
‘डायनासोर जैसे’ नहीं, ख़ुद डायनासोर
जीवों का रिश्ता समझने के लिए वैज्ञानिक उनके शरीर की बनावट और विकास के इतिहास की तुलना करते हैं। पक्षियों के कूल्हे और पैरों की हड्डियाँ, और भी कई बनावटें, थेरोपॉड डायनासोरों से मिलती हैं। पक्षी बन जाने के बाद भी वे डायनासोरों के समूह से बाहर नहीं हुए।
महाविलुप्ति में बाक़ी डायनासोर ख़त्म हो गए, लेकिन पक्षियों की शाखा बची रही। इसलिए गौरैया सिर्फ़ डायनासोर जैसी दिखती नहीं — वह ख़ुद इसी परिवार की सदस्य है।
आर्कियोप्टेरिक्स: बीच की एक साफ़ दिखती कड़ी
आर्कियोप्टेरिक्स लगभग 15 करोड़ साल पहले, जुरासिक काल में रहता था। उसके परों वाले पंख थे, मगर साथ ही मुँह में दाँत, पंखों पर पंजे और पीछे लंबी हड्डीदार पूँछ भी। ऐसी मिली-जुली बनावट से समझ आता है कि पक्षी धीरे-धीरे कैसे बने।
उसके जीवाश्म जर्मनी में मिले हैं, और पक्षियों व दूसरे डायनासोरों के रिश्ते के ये बड़े अहम सबूत हैं। फिर भी उसे पक्के तौर पर ‘दुनिया का पहला पक्षी’ कहना ठीक नहीं: नए जीवाश्म मिलते रहते हैं और तस्वीर बदलती रहती है।
फ़िल्मी और असली वेलोसिरैप्टर: परों का फ़र्क
वेलोसिरैप्टर पूँछ समेत लगभग दो मीटर लंबा और क़रीब 15 किलो का था, यानी एक बड़े टर्की जितना। उसकी बाँह की हड्डी पर वे निशान मिले हैं जिनसे पर जुड़े होते थे। ये पर सिर्फ़ उड़ने के काम नहीं आते; वे शरीर को गर्म रखने और दूसरों को दिखाने में भी मदद कर सकते हैं।
टायरानोसॉरस भी थेरोपॉड था, बस बहुत बड़ा। उसकी खाल के कुछ निशानों में शल्क मिले हैं। पूरे शरीर की खाल नहीं मिली, इसलिए बाक़ी हिस्सों में पर थे या नहीं, यह अभी पक्का नहीं है।
मगरमच्छ इस गिनती में क्यों नहीं आता?
मगरमच्छ, छिपकलियाँ और कछुए डायनासोरों के ज़माने में भी थे, लेकिन विकास-वृक्ष पर उनकी शाखाएँ अलग हैं। मगरमच्छ छिपकलियों के मुक़ाबले पक्षियों का ज़्यादा क़रीबी रिश्तेदार है, फिर भी वह डायनासोर नहीं है।
तो याद रखो: पक्षी डायनासोर हैं, टेरानोडॉन टेरोसॉर है, और मगरमच्छ इनमें से कुछ भी नहीं। सिर्फ़ उड़ने की ताक़त या शल्कों वाली खाल देखकर किसी जीव का समूह तय नहीं किया जा सकता।
कबूतर को कोई डायनासोर नहीं कहता, फिर यह जानना क्यों ज़रूरी है?
क्योंकि ‘डायनासोर ख़त्म हो गए’ सुनकर लगता है कि उनका नामो-निशान मिट गया। ऐसा नहीं हुआ। और वेलोसिरैप्टर के पर किसी चित्रकार की कल्पना नहीं हैं — वे उतने ही असली थे जितने गौरैया के पर।
साइट पर यह रिश्ता देखना हो, तो पहले आर्कियोप्टेरिक्स का कार्ड खोलो, फिर वेलोसिरैप्टर का और फिर टायरानोसॉरस का। तीन कार्ड, तीन बिल्कुल अलग आकार, लेकिन ख़ानदान एक।
बच्चे अक्सर पूछते हैं
- क्या पक्षी डायनासोर हैं?
- हाँ। आज के पक्षी ज़िंदा डायनासोर हैं, परों वाले छोटे शिकारी डायनासोरों के सीधे वंशज। मगरमच्छ और छिपकलियाँ डायनासोर नहीं हैं।
- क्या पक्षी डायनासोर से आए हैं?
- हाँ, छोटे थेरोपॉड शिकारियों के एक ख़ास समूह से। डिप्लोडोकस या ट्राइसेराटॉप्स जैसे डायनासोरों से पक्षी नहीं निकले।
- क्या मुर्गी भी डायनासोर है?
- हाँ। मुर्गी एक पक्षी है, और पक्षी डायनासोरों के समूह में आते हैं। उसकी हड्डियों में कई बातें दूसरे थेरोपॉड डायनासोरों से मिलती हैं।
- क्या टी. रेक्स के भी पर थे?
- उसकी खाल के जो निशान मिले हैं, उनमें शल्क दिखते हैं। लेकिन पूरे शरीर की खाल नहीं मिली, इसलिए बाक़ी हिस्सों में पर होने की बात को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता।
- क्या आर्कियोप्टेरिक्स पहला पक्षी है?
- यह सबसे मशहूर शुरुआती पक्षी है। इसके पर भी थे, दाँत भी और लंबी पूँछ भी। इसकी कहानी कार्ड पर पढ़ो।
- फिर सब क्यों कहते हैं कि डायनासोर ख़त्म हो गए?
- आम बोलचाल में ‘डायनासोर विलुप्त हो गए’ का मतलब होता है कि पक्षियों को छोड़कर बाक़ी डायनासोर ख़त्म हो गए। पक्षियों की शाखा तो बची रही।
याद रखो
- क्लास में कह सकते हो: ‘सारे डायनासोर नहीं मरे — छत पर गुटरगूँ करता कबूतर भी उसी बिरादरी का है।’
- उड़ने वाला हर जीव डायनासोर नहीं होता। टेरानोडॉन उड़ता ज़रूर था, लेकिन वह डायनासोर नहीं था।
- वेलोसिरैप्टर बनाओ तो परों के साथ: जीवाश्मों से मिले सबूत यही बताते हैं।